नई दिल्ली डेस्क/ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गैंगस्टर-आतंकवादी सांठगांठ मामले में प्रतिबंधित आतंकी संगठन, बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) और खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) से जुड़े तीन कुख्यात ‘सूचीबद्ध आतंकवादियों’ सहित 9 के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। एनआईए ने रविवार को यह जानकारी दी। भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने और खुद के नेटवर्क बनाने के लिए बीकेआई के हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंदा, केटीएफ के अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डाला और बीकेआई के लखबीर सिंह संधू उर्फ लांदा हैं। यह तीनों विदेश में हैं।
एनआईए ने कहा कि उनके पाकिस्तान और अन्य देशों में ड्रग तस्करों और खालिस्तानी गुर्गों के साथ करीबी संपर्क हैं। विदेशों में स्थित गुर्गों के इस नेटवर्क के जरिए वे भारत में आतंकवादी गतिविधियों, जबरन वसूली और हथियारों तथा ड्रग्स की सीमा पार से तस्करी को अंजाम देने के लिए भारत में अपने सहयोगियों की भर्ती कर रहे हैं। उनके उत्तर भारत में सक्रिय प्रमुख गिरोहों से भी संबंध हैं, जिनमें स्थानीय गैंगस्टर, संगठित आपराधिक सिंडिकेट और नेटवर्क शामिल हैं।
अधिकारी ने कहा कि उनकी जांच से बीकेआई और केटीएफ के लिए फंड जुटाने की एक जटिल व्यवस्था का भी पता चला है। फंड को भारत स्थित सहयोगियों को अनौपचारिक चैनलों के साथ-साथ लेयरिंग और फंड प्रावधान के साथ औपचारिक चैनलों के माध्यम से भेजा जा रहा था। एमटीएसएस या अन्य साधनों का उपयोग इस तरह से किया जा रहा था कि धन भेजने वाले या प्राप्तकर्ता की पहचान पूरी तरह से छिप जाए।
एनआईए बीकेआई और केटीएफ से जुड़े 16 अन्य फरार और गिरफ्तार आरोपियों के लिंक की भी जांच कर रही है। एक पूर्व गैंगस्टर, हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंदा अब एक प्रमुख बीकेआई सदस्य और खालिस्तानी संचालक है। वर्ष 2018-19 में वह अवैध रूप से पाकिस्तान भाग गया और वर्तमान में आईएसआई के संरक्षण में वहां रह रहा है, और भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने में शामिल है।
रिंदा पाकिस्तान से भारतीय क्षेत्र में हथियार, गोला-बारूद विस्फोटक और ड्रग्स की तस्करी, बीकेआई कार्यकर्ताओं की भर्ती, हत्याएं, पंजाब एवं महाराष्ट्र राज्यों में जबरन वसूली के माध्यम से बीकेआई के लिए फंड जुटाने जैसे विभिन्न अपराधों में शामिल है। वह मई 2022 में पंजाब पुलिस इंटेलिजेंस मुख्यालय पर आरपीजी हमले सहित कई आतंकवादी गतिविधियों में शामिल रहा है, और भारत सरकार द्वारा 2023 में उसे ‘व्यक्तिगत आतंकवादी’ घोषित किया गया था।
आरोपी अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डाला भारत का कुख्यात गैंगस्टर था जो कनाडा चला गया। कनाडा में डाला हरदीप सिंह निज्जर के संपर्क में आया, जो प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन केटीएफ का प्रमुख था। दोनों केटीएफ के लिए फंड जुटाने और पंजाब में व्यापारियों तथा विशेष समुदायों के नेताओं की लक्षित हत्या को अंजाम देने के लिए युवाओं की भर्ती एवं आतंकवादी गिरोह बनाने में लगे हुए थे। डाला को भारत सरकार द्वारा 2023 में ‘व्यक्तिगत आतंकवादी’ घोषित किया गया है।
लखबीर सिंह संधू उर्फ लांदा शुरू में आपराधिक और गैंगस्टर संबंधी गतिविधियों में शामिल था। 2017 में वह कनाडा चला गया और वहीं से अपनी गतिविधियां जारी रखीं। वह बीकेआई आतंकवादी हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंदा के संपर्क में आया और रिंदा और बीकेआई के लिए काम करना शुरू कर दिया। लांदा कई आतंकी घटनाओं में मुख्य आरोपी रहा है।
एनआईए द्वारा आरोपित अन्य विदेशी आधारित बीकेआई नोड्स में अमेरिका में स्थित हरजोत सिंह शामिल हैं। जबकि कश्मीर सिंह गलवद्दी, नाभा जेलब्रेक मामले का फरार आरोपी है और इस समय उसके नेपाल में होने का संदेह है। इनके अलावा लांदा का भाई तरसेम सिंह इस समय दुबई में रह रहा है।
गुरजंत सिंह वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया में रह रहा है और केटीएफ के विदेश स्थित नोड्स में से एक है जिसके खिलाफ चार्जशीट दायर की गई है। एनआईए द्वारा चार्जशीट में शामिल अन्य आरोपियों में दीपक रंगा और लकी खोखर उर्फ डेनिस शामिल हैं, जिन्हें भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए विदेशी स्थित आकाओं द्वारा भर्ती किया गया था।

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