पटना डेस्क/ जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को एक बार फिर कहा कि पत्नियां अगर पढ़ी होंगी, तो प्रजनन दर अपने आप घटेगा। उन्होंने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण को लेकर कोई अपनी बात रखता है, तो उससे उन्हें कोई मतलब नहीं।
पटना में एक सरकारी कार्यक्रम में भाग लेने के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि कानून अपनी जगह है, अगर कोई राज्य इसको लेकर कानून बनाना चाहे तो यह उसका अधिकार है।
जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग को लेकर पत्रकारों द्वारा किए गए सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, जनसंख्या नियंत्रण को लेकर शुरू से ही हमलोगों ने बिहार में अध्ययन और आकलन किया है। आकलन में यह बात सामने आई है कि पति-पत्नी में अगर पत्नी पढ़ी-लिखी है तो प्रजनन दर कम है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पहले बिहार का प्रजनन दर 4 प्रतिशत से भी ज्यादा था जो अब घटकर 3 प्रतिशत से भी कम हो गया है।
मुख्यमंत्री ने दावा करते हुए कहा, अगले 5-7 साल के अंदर बिहार का प्रजनन दर 2 प्रतिशत तक पहुंच जायेगा। नीतीश कुमार ने आगे कहा, जनसंख्या नियंत्रण को लेकर अगर कोई व्यक्ति अपनी बातों को सामने रखता है तो इससे मुझे कोई मतलब नहीं है, हमलोग अपना काम बता सकते हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पहले ही कह चुके हैं कि जनसंख्या नियंत्रण को लेकर कानून बनाने का कोई मतलब नहीं है। हालांकि भाजपा के कई नेता इसके लिए कानून बनाने की वकालत कर रहे हैं। दिल्ली में विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक को लेकर पूछे गए। सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है।

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